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नकली दिल कैसे काम करता है ? एक बार जरूर देखे Permanent Artificial Hearts Are Closer Than You Think

अगर आपसे कहा जाए किसी इंसान के सिने मे दिल के बजाए पम्प है तो शायद आप इसे मजाक संजने लगे लेकिन दुनिया मे आज एसे कई लोग है जिनसे के लिए यह मजाक नहीं बालकी जिंदगी की सचाई है। क्युकी ये लोग आज artificial heart की वजह से ही जिंदा है।

आज आपको यह बताएंगे की यह Artificial Heart आखिर होता क्या है? और काम कैसे करता है।

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आज हम जैसी लाइफस्टाइल जी रहे है इसमे ज्यादातर लोग दिल से जुड़ी बीमारियों का शिकार है। 2 दशक पहेले जब दिल की बीमारी का जिक्र होता था तब ज्यादा तर लोग वह मरीज होते थे जिनकी उम्र 50 साल के पार होती थी।

लेकिन आज junkFood, शराब , सिगरेट की लत, जॉब का stress इन सब का नतीजा यह हुआ की बड़े बुजुर्गों को होने वाली बीमारी अब युवाओ को भी अपनी चपेट मे लेने लगी है। युवाओ मे heart-attack के numbers काफी तेजी से बढ़ गए है।

अब इसमे सवाल उठता है की मेडिकल science ने इससे निपटने के लिए जो नकली दिल इजात किया है वो नकली दिन इंसान के असली शरीर मे किस तरह से काम करता है।

heart

मनुष्यों के शरीर मे heart सबसे important अंग है। यह Heart ही है जो हमारे शरीर के सभी अंगों तक खून की मदद से oxygen की supply करता है ताकि सभी अंग ठीक से काम कर सके। हालांकि आशिकों के दिल का हाल कुछ और ही होता है और वह बात बात पे टूटता रहता है। अगर scientifically बात करे तो दिल का प्यार मोहहबत से कोई लेना देना ही नहीं है।

हमारी बिगड़ी lifestyle को कई बीमारी या फीर कोई हदसे की वजह से एस कुछ होता है की हमारे दिल मे प्रॉब्लेम आ जाता है। और तब दिल ठीक से function नहीं कर पाता है एसी situation मे डॉक्टरों को सबसे बड़ा उपाय नजर आता है वो है heart-transplant। जिसमे आपका दिल किसी दूसरे के शरीर मे फिट कर दिया जाता है।

लेकिन इसके लिए भी Donner का मिलना जरूरी होता है। Donner भी वही होता है जो अपनी जिंदगी की आखिरी सास गईं रहा होता है। यानिकी दूसरा दिल हासिल करना भूसे के ढेर मे से सुई ढूँढने जितना मुश्किल होता है। अगर Donner मिल भी गया तो दोनों का ब्लड-ग्रुप भी same ही होना चाहिए। इस मे सबके पास बहुत कम time होता है।

एसे मे जो उपाय सबसे कारगर है वो है असली दिल की जगह नकली दिल फिट कर देना। एसा दिल दो बैटरी की मदद से ऑपरेट होता हो। जिसमे केबल के जरिए बहार से करंट पहुचाया जाता हो। ताकि वो दिल भी natural Heart की तरह ही धक धक करता रहे।

जिसे हम बोल चल की भाषा मे नकली दिल या फीर artificial Heart कहते है मेडिकल की भाषा मे उसे ventricular assist device कहते है। यह ventricular assist device बिल्कुल एक पम्प की तरह ही काम करता है। यह माने की यह एक किस्म का पमपिंग मशीन ही है। इसको जब उपयोग मे लेते है तब इसमे बहार से ही करंट की supply करनी पड़ती है। बॉडी मे heart का वायर बहार निकलके उस battery मे जुड़ा हुआ होता है। हालांकि एसे मरीजों को हमेशा Battery खराब या फीर Discharge होने का दर सताया करता है ।

एसे लोगों को अपने साथ मे एक bag को भी साथ मे रखना पड़ता है जिसमे artificial Heart से जुड़े सभी External device और बैटरी राखी हुई होती है। सुनने मे भले ही अजीब लगे लेकिन यही वह technology है जिससे कई लोग 10-10 सालों से अपनी जिंदगी जी रहे है। रेगुलर चेकप के जरिए इंकको अपने device हो updated रखना पड़ता है।

मेडिकल science ने एसा भी artificial हार्ट बनाया है जिसमे बहार से वायर लेने की भी कोई जरूरत नहीं पड़ती और इससे कोई इन्फेक्शन का खतरा भी नहीं रहता है।

दोस्तों आप देखते है की हमारे शरीर के किसी भी हिस्से मे मामूली स भी cut लग जाए तो वहा से खून निकलने लगता है। दरसल हमारे शरीर मे एसी लाखों नसे होती है जिसे हमे देख भी नहीं पाते है। यह नसे हमारे शरीर मे खून का supply करती है लेकिन इन सब मे एक बात यह कॉमन है की यह सब नसे हमारे हार्ट के साथ ही जुड़ी हुई है।

हार्ट का काम अगर आसान भाषा मे कहे तो वातावरण मे रहे Oxygen को हमारे शरीर के सभी अंगों तक पहुचना है।

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अगर डॉकटोर्स की माने तो आज की युवा पीढ़ी खाने मे बदलाव करके अपने heart को बहतर बना सकते है। इसके लिए हमे Junkfood को avoid करना पड़ेगा, सिगरेट और शराब से दूरी बनानी होगी। exersize की मदद से भी Heart मे Blood के flow को काफी बहतर बनाया जा सकता है। जिससे Heart attack और दिल से जुड़ी दूसरी बीमारियों का खतरा काफी कम हो जाता है। इसके अलावा खाने मे हम फल और सबजोयों को इस्तेमाल करके भी हम अपने हार्ट के function को काफी अच्छा कर सकते है। ऊपर से आप खाने मे नमक न डेल या फीर कम ही दालिए। इससे आपको hyper tension से बचने मे भी मदद मिलेगी। extra fat वाली चीजों को कम खाइ। बस इन सभी बातों का अगर आप ध्यान रखते है तो आपको कभी नकली दिल लगाने की समस्या कभी पैदा नहीं होगी।

अगर आप समज पाए है की नकली दिल कैसे काम करता है तो आप इसे अपने दोस्तों और परिवार के लोगों के साथ भी जरूर शेयर कीजिए।

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